Kisaan ek abhishap?

देश हमारा भारत है पर चिता जली अरमान की,

टूटी टूटी माला जैसी बिखरी किस्मत आज किसान की !…

इतना सूद चुकाया उसने खुद अपनी सुध भूल गया,

लगा के फांसी सावन में अमवा डाली झूल गया,

आज लगी बोली देखो उसके भी ईमान की….

टूटी माला जैसी बिखरी किस्मत आज किसान की !….

किसी को चिंता काले धन की , किसी को भ्रस्टाचार की,

उसके हिस्से आती लागत बस खरपतवार की,

सरकारी शोषण का हंटर उस पर हरदम चलता है,

गड़गड़ बादल,सूखी धरती में फिर भी वो न थकता है,

मौन मारकर सामंतो को देता शोषित खूब लगान है ,

पगडण्डी तक बनी गवाह जिसके जुल्म निशान की,

टूटी माला जैसी बिखरी किस्मत आज किसान की !….

संसद में नेताओं ने उसको रद्दी मान लिया,

समाचार ने मौका देखा सियासी मुद्दा तान लिया,

जंतर- मंतर का अनशन भी पीएम के लिए मजाक बना,

मंदसौर के दंगे में किसान ही आखिर खाक बना,

बाली तक गिरवी रखी जिसने बेटी के अभिमान की,

चौराहे में मरा वही जिसको लज्जा थी कन्यादान की….

टूटी टूटी माला जैसी बिखरी किस्मत आज किसान की ! 🤔

#saurabhyadavbjp

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s