WOMAN….!

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When God created woman he was working late on the 6th day…….

An angel came by and asked.” Why spend so much time on her?”

The lord answered. “Have you seen all the specifications I have to meet to shape her?”

She must function on all kinds of situations,
She must be able to embrace several kids at the same time,
Have a hug that can heal anything from a bruised knee to a broken heart,
She must do all this with only two hands,”
She cures herself when sick and can work 18 hours a day”

THE ANGEL was impressed” Just two hands…..impossible!

And this is the standard model?”

The Angel came closer and touched the woman”
“But you have made her so soft, Lord”.
“She is soft”, said the Lord,
“But I have made her strong. You can’t imagine what she can endure and overcome”

“Can she think?” The Angel asked…
The Lord answered. “Not only can she think, she can reason and negotiate”

The Angel touched her cheeks….
“Lord, it seems this creation is leaking! You have put too many burdens on her”
“She is not leaking…it is a tear” The Lord corrected the Angel…

“What’s it for?” Asked the Angel….. .
The Lord said. “Tears are her way of expressing her grief, her doubts, her love, her loneliness, her suffering and her pride.”…

This made a big impression on the Angel,
“Lord, you are a genius. You thought of everything.
A woman is indeed marvellous”

Lord said.”Indeed she is.
She has strength that amazes a man.
She can handle trouble and carry heavy burdens.
She holds happiness, love and opinions.
She smiles when she feels like screaming.
She sings when she feels like crying, cries when happy and laughs when afraid.
She fights for what she believes in.

Her love is unconditional.
Her heart is broken when a next-of-kin or a friend dies but she finds strength to get on with life”

The Angel asked: So she is a perfect being?
The lord replied: No. She has just one drawback
“She often forgets what she is worth”.

W O M A N:
● changes her name.
● changes her home.
● leaves her family.
● moves in with you.
● builds a home with you.
● gets pregnant for you.
● pregnancy changes her body.
● she gets fat.
● almost gives up in the labour room due to the unbearable pain of child birth..
● even the kids she delivers bear your name..

Till the day she dies.. everything she does… cooking, cleaning your house, taking care of your parents, bringing up your children, earning, advising you, ensuring you can be relaxed, maintaining all family relations, everything that benefit you.. sometimes at the cost of her own health, hobbies and beauty.

So who is really doing whom a favour?

Dear men, appreciate the women in your lives always, because it is not easy to be a woman.

*Being a woman is priceless*

Pass this to every woman in your contact to make her feel proud of herself.
Rock the world ladies!
A salute to ladies!

WOMAN MEANS:-
W – WONDERFUL MOTHER.
O – OUTSTANDING FRIEND.
M – MARVELLOUS DAUGHTER.
A – ADORABLE SISTER.
N – NICEST GIFT TO MEN FROM GOD.

I respect women.

#saurabhyadavbjp

#copied

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ZINDGI Ek Jung…

आज मन कर रहा था लिखने का । सोचा ज़िन्दगी पर थोड़ी स्याही ज़ाया की जाए । लेकिन ये वर्चुअल दुनिया है, यहाँ स्याही ही नहीं होती । लेकिन कड़वा लिखने पर कालिख ज़रूर लग जाती है । बस यही सब चल रहा है । ज़िन्दगी बीत रही है किताबों के पन्नो के संग और बीच । वैसे आम तौर पर ज़िन्दगी बीतती नहीं, गुज़रती है लेकिन यहाँ फ़िलहाल ज़िन्दगी जनरल के डिब्बे में अपने पिछवाड़े को किसी तरह सीट पर टिका कर लंबी रात बिताने जैसी लग रही है । सब साला बेमानी लगता है कभी कभी । हर आदमी हरामी लगता है कभी कभी । फिर अगले ही पल खुद पर और दुनिया पर भरोसा कर शांत हो जाता हूँ और चुपचाप कुर्सी के हत्थे पर टिक जाता हूँ । जब जब ऐसा सोचा है कि उम्मीद की कोई किरण दिख रही है तो थोड़ी देर में पता लगता है कि वो मेरी उम्मीद की किरण नहीं मोबाइल की टार्च है जैसे वो अपनी गिरी हुयी किस्मत खोज रहा हो । दुनिया साली मोबाइल से निकलती है और टीवी में घुस जाती है, फिर टीवी से निकल कर भीड़ में तब्दील होकर मार्किट बन जाती है । हम सोचते थे टाइम के साथ साथ सब ठीक हो जायेगा, लेकिन साली ज़िन्दगी को रोज़ सुबह उठकर ईयरफोन के तारों की तरह सुलझाना पड़ता है । हम भी साला जिस भाषा में बात करते हैं उसी में इतनी कोम्प्लेक्सिटी है तो दुनिया तो हमारे जैसों से भरी पड़ी है चलिये, निकलते हैं, वक़्त हो गया । आप भी टिके रहिये

 

#saurabhyadavbjp

A Bad day…

विपत्ति जब आती है तब पूरे तामझाम के साथ और पूरे planning के साथ आती है. आज सुबह से ही आपका दिन ठीक नहीं था. सुबह सुबह आपकी काम वाली ने आपको धमकी दी की अगर कल से आप अपने कमरे में रोज की तरह कचड़ा फैलायेंगे तो वो काम छोड़ देगी। आपके गाँव से फोन आता है की अगर आप इस साल भी पास नहीं हुए तो वापस गाँव लौट आयें, खेतों में काम करनेवालों की सख्त जरुरत है। आप अपने बाबूजी से बात कर के फोन रखे ही थे की आपकी प्रेमिका का मैसेज आता है “call me it’s urgent “. आप झट से अपनी माशुका को फोन लगते हैं। आज आपकी ये पूरानी माशूका भी आपके निठल्लेपन से परेशां हो कर आपसे प्ल्ल्ला झाड लेती है। “रमेश, मेरी शादी तय हो गयी है लड़का एक बड़े इंटरनेशनल कम्पनी में काम करता है, दिखने में भी अच्छा है, और……” आपके परेशानी का लेवल पेट्रोल के बढ़ते दाम की तरह बढ़ने लगता है और आप खीज में आकर अपनी एकलौती नोकिया 1100 को तोड़ डालते है भूतकाल में जिस से आपने ना जाने कितने ही रेखाओं, प्रीतियों और श्रुतियों को पटाया था। आप हताश हो जाते हैं। अम्बुजा सीमेंट से बना आपके सब्र का बाँध रेत के घरौंदे की तरह ढह जाता है। आप चुप चाप हाथ पे हाथ धरे अपनी किस्मत को कोस ही रहे होते है की एफ. बी. आई के एजेंट की तरह जोर से दरवाजा खोलते हुए आपका प्रिय मित्र चला आता है। ये आपका वही प्रिय मित्र होता है जिसे आप अपना मेंटर अपना गुरु समझते हैं और जिसके शरण में आकर आपने दारु, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू इत्यादि आध्यात्मिक औषधियों का सेवन करना शुरू किया था।

“भाई, गजब, हो गया, रिजल्ट निकल गया है और इस बार भी हमलोग फेल हो गए है, लेकिन इस बार तुमको पिछले बार की तुलना में 10 नुम्बर ज्यादा आया है, और ख़ुशी की बात ये है की अब एक साल और हमलोगों को इस कॉलेज में रहना है, इसी ख़ुशी के मौके पर मैं बियर की पूरी कैरेट उठा लाया हूँ, चल पीते हैं”

आप अपने परम मित्र के इस आग्रह को टाल नहीं पाते हैं और हद से ज्यादा व्यथित होते हुए भी सुरापान करने से बाज नहीं आते हैं। आपके हिसाब से तीन जाम हलक के नीचे उतरने के बाद सब दुःख उतर जाता है। आप दोनों दोस्त जम के पीते हैं। और अपनी अपनी प्रेमिकाओं को गालियाँ देते हैं। आपके दोस्त जाने के बाद, पूरी तरह से बीयर चढ़ जाने के बाद, और सुबह से लेकर अभी तक की घटनाओं का विश्लेषण करने के बाद आप इस नतीजे पे पहुँचते हैं की आपका जीना बेकार है, ये दुनिया बहुत बेदर्द है और इस दुनिया में जीना उतना आसान नहीं जितना आमतौर पर टीवी और फिल्मों में दिखाई देता है।

“असल जिंदगी में कोई Fair & Handsome लगाने से हीरो नहीं बन सकता या फिर मूह में रजनी गन्ध रख के कोई दुनिया नहीं जीत सकता, या फिर Axe का deodorant लगा के कोई लडकिया को पीछे नहीं भगा सकता। दुनिया बहुत मुश्किल है, एक जंग है, एक रेस है और इस दुनिया में हम जैसे लोगो के लिए कोई जगह नहीं है।”

आप निराशावाद के कुएं बहुत अन्दर तक गिर चुके होते हैं और आपके पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आता है। आप मन ही मन क्विट करने की ठान लेते हैं, और सुसाईड करने के कारगर तरीको के बारे में सोचने लगते हैं, एकबारगी आपके मन में ख्याल आता है की आप अपने प्रिय हीरो सनी देओल के बाबूजी के स्टाइल में मोहल्ले के वाटर टैंकर पर चढ़ कर अपनी प्रेमिका को जमके गाली दे और उसके बाद उसी से कूद जाएँ पर आपके ऊँचाई से डरने की वजह से आप इस तरीके को नकार देते हैं । आप अपने बटुवे को अपने जेब में रखते हुए घर से बाहर निकल जाते हैं . आप रोज की तरह आज छिप के पीछे वाली गली से नहीं निकले, क्यूंकि आज आपके अन्दर नुक्कड़ के चाय वाले से उधार मांगे जाने का डर नहीं रहता है , आज आप मुक्त थे स्वंतत्र थे, किसी का डर नहीं था इसलिए आप सीधे रस्ते से घर से निकले। और रोज की तरह सबको कल उधार चूका देने का वादा कर के आप सीधे उस दूकान में पहुंचे जहाँ रस्सी मिलती है। आप अपने साइज़ की एक रस्सी लेकर दुबारा घर की तरफ लौट ही रहे होते हैं की आपको रास्ते में मोहल्ले का वो हरामी कुता मिल जाता है जिसके हरामीपन के किस्से दूर दूर तक फैले होते हैं और जिसके काट लेने से 14 सुइयां भी काम नहीं आती है। आपके हाथ में रस्सी, शकल पे बेरुखी और मूह से 5000 Hayward बियर के गंध सूंघते हुये और आपके हुलिए को डीपली एनालाइज करते हुए कुत्ते ने आपको चोर समझा और जोर जोर से भौंकने लगा। आप कुत्ते के भौंकने से दर के तेज क़दमों से चलने लगे और कुत्ते ने भी situation को समझते हुए अपने पैरो का acceleration तेज किया। अब आप आगे थे और कुत्ता पीछे। आपकी रफ़्तार तेज और र्कुत्ते की भी रफ़्तार तेज और जिस point पर आपकी रफ़्तार कुत्ते की रफ़्तार से कम हुयी आप कुत्ते द्वारा काटे गए। और उस हरामी कुत्ते ने भी ऐसी जगह काटा जिसके बारे में आप धड़ल्ले किसी को बता नहीं सकते। काटने के बाद कुत्ते ने अपना mission accomplished समझा और चलता बना। आप अपने पिछवाड़े पे जख्म और दिल पे उस से भी ज्यादा गहरा जख्म लेके नजदीकी clinic की तरफ चल दिए। आपके ख़याल से मरने का ख्याल कुछ देर तक निकल चूका था। आप के पिछवाड़े से बहते हुए खून को देखकर आपको अपने जिंदगी का अहसास हुआ की ये कितनी कीमती है। आप दौड़ते हुए clinic जाते हैं और वहां injection लेते है। clinic के डॉक्टर को देख के आपको मुन्नाभाई एम् बी बी एस का संजय दत्त नजर आता है और आईने में अपनी शकल देखकर आपको उसी फिल्म का जिमी शेरगिल नजर आता है। और धीरे धीरे आपको समझ में आता है की ये जिंदगी कितनी हसीं है और चाहे कुछ भी हो जाये quit करना last option नहीं है. इंसान को हर परिस्थिति से लड़ना और जूझना चाहिए। आप मन ही मन उस कुत्ते को और डॉक्टर को धन्यवाद देते हैं और घर लौट आते हैं. रास्ते में फिर आपका वही दोस्त मिलता है।

“क्या भाई, क्या हाल बना लिया है, फेल हो जाने का इतना दुःख, भाक साले, तुमसे ई उम्मीद नहीं था, अच्छा तुमको पता है वो तीन नंबर रोड वाली तान्या है ना तुझसे प्यार करती है, हम अभी जस्ट पता लगा के आये हैं, और ये देख इसी ख़ुशी में बीयर भी लायें हैं, …………”

#saurabhyadavbjp

Ek Dard

पहली बार किसी विपक्ष द्वारा अक्षम्य कृत्य करने पर ग़ुस्सा नही, दर्द हो रहा है । केरल कांग्रेस ने केमरा के सामने गाय काटी । इसको बेहद गुस्से में लिखा है । दोगले धर्मनिरपेक्ष दूर रहे ।

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शर्म, हया और देश धर्म, सब कुछ खूँटी पर टाँग गया ।
आज विपक्ष मर्यादा की,,,, सब सीमाएँ लाँघ गया ।

इतना पापी,, दुष्ट,, धूर्त कोई गंदा भी हो सकता है ?
क्या कोई ‘व्यक्ति-विरोध’ में इतना अंधा भी हो सकता है ?

मत समझो गाय काटकर, तुमने विजय यात्रा रोकी है ।
कांग्रेसी ताबूत में तुमने,,,, कील आख़िरी ठोकी है ।

अय्याशी की पैदाइश हो, इस धरती पर पाप हो तुम ।
कुर्सी खातिर ‘माँ’ काटी है, मुगलो के भी बाप हो तुम ।

वैश्यावृति बंद हुई तो,,,, कैसे विरोध जताओगे ?
बेटी-बहन को लेकर क्या तुम सड़कों पर आ जाओगे ?

जो घड़ा पाप का भरा हुआ था, तुमने स्वयं ही फोड़ दिया ।
औरंगजेब और बाबर, ग़जनी सबको पीछे छोड़ दिया ।

देश विरोधी बने हुए हो, कुछ भी ना सोचा तुमने ।
सावरकर के चित्रों को,,,, दीवारों से नौंचा तुमने ।

लहू उबाले मार मारकर,, उस दिन मेरा खौला था ।
जिस दिन “भगवा आतंकी” संसद में तुमने बोला था ।

शाप लगेगा गौ माता का,,, देश तुम्हें धिक्कारेगा ।
मुरली वाला कृष्ण तुम्हें तड़पा-तड़पाकर मारेगा ।

दो साल के बाद ये जनता सड़कों पर आ जाएगी ।
अबकी बार तुम्हारी चालीस सीटें भी खा जाएगी ।

 

#saurabhyadavbjp

Social media a Superpower…

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“Teen saal, bemisaal,” an intelligently crafted headline in The Economic Times said recently. I think it has indeed been an amazing run for the country since this government took over the reigns in Delhi this time in 2014.

Even the worst critics of Prime Minister Narendra Modi’s rule would accept his stellar performance in the arena of political communication. His deft use of social media has no parallels among all his peers in global politics. Donald Trump could have been a challenger for the great job he did leveraging Twitter vis-a-vis Hillary Clinton. But after his accession to the office of President, Trump has posted thoughtless tweets that are turning into political liability.

No such thing with Modi. Each day, his ability to navigate the discourse increases by leaps and bounds. The number of followers of his personal Twitter account stands at 30 million.

Another verified account @narendramodi_in adds another 1.1 million to his echo chamber. Plus @pmoindia account has 18 million. That’s an unmatched 49.1 million by way of verified accounts only.

Add fan handles and central ministers, party officials and government accounts to this and we are talking of over 75 million follows on Twitter alone.

A friend of mine, who was honoured to be published on the PM’s app, called it “the most valuable piece of media acreage in the world.”

The app is a tool that Modi employs to live stream his meetings, replug positive stories in the mainstream media. Here, his Mann ki Baat is snarly embedded. There is a buzzing social media corner for citizens (called Bhaktas by jealous critics!), and followers get a signed digital greeting on their birthdays – many take screenshots and flaunt them on their Facebook!

In comparison, Trump’s personal handle and the White House add up to a total of 45 million followers. No mean achievement, but no patch on consummate usage by Modi and the official Indian contingent. This for a country where the Intelligence Bureau had a firm directive that no public official will be on social platforms. If my memory serves me right, the then foreign secretary, Nirupama Rao, had to defy the IB ban only to tweet and help Indians stranded in various situations across the world. Today, this technique is SOP. External affairs minister Sushma Swaraj regularly issues orders to assist NRIs in distress.

The same goes for Facebook. Modi has aligned his political communication of Twitter and the NaMo app with a thoughtful page aimed at the 1.9 billion folks on FB. Smart content on the Narendra Modi Facebook page has an unassailable following of 41 million. The official PMO Facebook has another 13.4 million. This power has an exponential multiplier when the political message passes through Modi’s Twitter and the NaMo app.

A recent Forbes piece puts Modi and other Indian leaders as the most effective users of social media on the planet I agree. They, ably led by Modi’s stirring example, tweet with a purpose. And they say it better than many others at the top of the game.

 

#saurabhyadavbjp

A legends birthday…

#RajaRamMohanRoy is a great historical figure who put laudable efforts to transform India and dared to defy the age-old custom traditions. He is considered as the pioneer of modern Indian Renaissance for the remarkable reforms he brought in the 18th and 19th century India. He undertook a lot of social reforms to change the society and worked to uplift the status of women in India. He campaigned for rights for women, including the right for widows to remarry, and the right for women to hold property. He actively opposed Sati system and the practice of polygamy.

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He put remarkable efforts in the education system of India. To modernize the education system, he established many English schools; set up the Hindu collage at Calcutta in 1822; assisted Alexander Duff to establish the General Assembly’s Institution and promoted and urged that science, technology, western medicine and English should be taught at Indian schools. Being a great scholar he translated many books, religious and philosophical work and scriptures into Bengali and also translated Vedic scriptures into English. In 1828, he founded one of the most significant socio-religious institutions of modern day India—the Brahmo Samaj. It was a very influential movement that did not discriminate between people belonging to different religions, castes or communities. For his diverse activities and contributions to society, Raja Ram Mohan Roy is regarded as one of the most important figures in Indian history and is considered as ‘Maker of Modern India’ and ‘Father of Modern India’ and ‘Father of the Bengal Renaissance.’

 

#saurabhyadavbjp

Zeewan ka satya…

एक बार मैने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सेमीनार शुरू की, हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से पूछा ,ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है? हाथ उठना शुरू हो गए…

मैने कहा- मैं इस नोट को आपमें से किसी एक को दूंगा पर उससे पहले मुझे ये कर लेने दीजिये मैने नोट को अपनी मुट्ठी में चिमोड़ना शुरू कर दिया और फिर पूछा- कौन है जो अब भी यह नोट लेना चाहता है? अभी भी लोगों के हाथ उठने शुरू हो गए

“अच्छा” अगर मैं ये कर दूं ? और मैने नोट को नीचे गिराकर पैरों से कुचलना शुरू कर दिया फिर मैने नोट उठाई , वह बिल्कुल चिमुड़ी और गन्दी हो गयी थी.

क्या अभी भी कोई है जो इसे लेना चाहता है? और एक बार फिर हाथ उठने शुरू हो गए.

दोस्तों , आप लोगों ने आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पाठ सीखा है. मैंने इस नोट के साथ इतना कुछ किया पर फिर भी आप इसे लेना चाहते थे क्योंकि ये सब होने के बावजूद नोट की कीमत घटी नहीं, उसका मूल्य अभी भी 500 था.
जीवन में कई बार हम गिरते हैं, हारते हैं, हमारे लिए हुए निर्णय हमें मिटटी में मिला देते हैं. हमें ऐसा लगने लगता है कि हमारी कोई कीमत नहीं है. लेकिन आपके साथ चाहे जो हुआ हो या भविष्य में जो हो जाए , आपका मूल्य कम नहीं होता. आप स्पेशल हैं, इस बात को कभी मत भूलिए.

कभी भी बीते हुए कल की निराशा को आने वाले कल के सपनो को बर्बाद मत करने दीजिये. याद रखिये आपके पास जो सबसे कीमती चीज है, वो है आपका जीवन.

धन्यवाद…

आपका प्रिय

सौरभ यादव

 

#saurabhyadavbjp

Life ek Review…

ईंटो के चट्टे लगते ही रहने हैं..

बदरपुर में शंख सीपियाँ मिलती ही हैं..

शहर के बच्चों को ये सब नहीं पता..

मजदूरों के बच्चे जल्दी बड़े होते हैं..

 

डाइनिंग टेबल बस दहेज़ में लेने के लिए हैं..

उन पर बैठ कर कोई खाना नहीं खाता..

और वो बर्तन जो किसी ख़ास रिश्तेदार के आने का इंतज़ार करते रहे हैं..

आज भी पैकिंग में ही हैं..

 

चार झल्ले वाले पंखे न मेरे घर में हैं न मेरे किसी दोस्त के..

वो कौन लोग हैं जो सोते वक़्त नाईट सूट पहनते हैं..

 

नाइयों के दुकानो पर बैठ के बाल काले कराना एक अजीब मनहूसियत है..

और जब कलर से सने बालों के साथ घर तक आना होता है..

तो जिंदगी की बहुत सी गलतफहमियां दूर हो जाती हैं..

 

क्या अब भी लोग दुकान से जाके कांच वाली कोल्ड ड्रिंक खरीद के लाते हैं..

और २ घंटे बाद खाली बोतल वापस लौटाने जाते हैं..

 

हम उतने पैसे वाले नहीं हैं..

जितना हम सोचता आये थे..

हर महीने नए कपड़ो की जिद करते वक़्त ये अहसास नहीं था..

अब जब कमा रहे हैं..

तब पुरानी बातों को सोच के हम शीशे के सामने खड़े होके अपने आप को चांटे मारने चाहते हैं..

 

पर हम अपने आपको कुछ ज्यादा ही प्यार करते हैं..

शायद उतने तेज चांटे न मार पाएं जो मिल्खा मारता है..

 

कई सारे अधूरे सपने…अब नींद से जगा देते हैं..

ख़ास कर वो..जिन्हें हम पूरा कर सकते थे..

लेकिन हमने बेवजह का क्रिकेट खेला..

और ऐसी संगत चुनी…जिनके सपने बस गानो की लेटेस्ट CD खरीदना ही थे..

 

बचपन से पता था..

गया वक़्त वापस नहीं आता..

इसलिए जब भी ये सब बातें नींद से झकझोर देती हैं..

तो मुट्ठी भींच के दीवार पर मारने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता..

 

Give me another chance I wanna grow up once again…भी फिल्मो में ही पॉसिबल है….

 

#saurabhyadavbjp

Incomplete Love…

वर्षों बाद देखा था उसे आज, या शायद ये दो तीन वर्ष ही वर्षों जैसे बीते थे । नजरें ऐसे जमी उस पर जैसे अलास्का में बर्फ जमती है । वही गहराई आँखों में आज भी थी । जब पास पहुंचे तो हम दोनों ही खामोश रह गए ऐसा लगा कि उस पल को खामोशी के साथ जीना ही एहतियाज हो।

मई में गर्मी अपनी पूरी जवानी जीने की कोशिश कर रही थी और हम अपनी पूरी जवानी R.S Agarwal के math के सवालों के साथ गुजार रहे थे। पहला क्लास था उसका । जब क्लास में आई तो नजरें इसलिए टकरा गई क्योंकि उसकी वजह से मुझे अपनी सीट छोड पीछे जाना पडा था ।
बला की खुबसूरत थी ऐसा हरगिज नही था पर आँखो की पाकिजगी जरूर बेचैन कर रही थी मुझे।
हर दिन क्लास आती ।हम दोनों ही बैंक की परीक्षाओं की तैयारी में लगे हुए थे।कुछ महीने बाद ही मेरा रिजल्ट पीओ के एक एक्जाम में आया।मैंने पुरे क्लास को पार्टी दी, वो भी आई थी । रेड सूट उसकी सांवली रंगत ऐसे निखर रही थी जैसे एक फूल में दो रंग जंचते हैं पहली बार हमारी बातचीत हो पाई।बाते भी ऐसी जो अब तक जब्त है ज़हन में।उस वक्त भी हम जुबां से ज्यादा आँखों से ही बात कर रहे थे। phone number exchange हुए, feeling exchange हुई और शायद दिल भी। “शायद” इसलिए क्योंकि उसके दिल में क्या था पता नहीं था ।

बातों का सिलसिला शुरू हुआ।जब हम बातें करते तो ऐसा लगता कि इस जहां में सिर्फ हम है बाकी सारी दुनिया गौण है।हम इधर उधर की लाखों बातें करते पर ना ही कभी इजहार- ए- मोहब्बत हुई, ना ही कोई commitment. मेरे Joining की date आई तो लगा जाने से पहले एक बार उसे देखना जरूरी है।

हमारा मिलना आसान नहीं था क्योंकि ना ही शहर बडा था ना ही लोगों की सोच।तय हुआ कि हम रेस्टोरेंट जाएगें पर साथ नहीं बैठेंगे।और हम पहुँच गए अपनी आँखों में उसे भरने के लिए।
चाहे लाखों लडकियाँ उससे बेहतर और बेपनाह खुबसूरत हो पर उस दिन के बाद मुझे कोई भी लडकी उससे अच्छी नहीं लगी।हमने कोल्ड काॅफी आर्डर किया था पता नहीं उसका स्वाद कैसा था क्योंकि काॅफी पर ध्यान एक बार के लिए भी नहीं गया।

उसके बाद मैं अपने शहर, और उसे जो आज कल सबसे जरूरी थी को छोड दिल वालों के शहर दिल्ली आ गया।बातों का सिलसिला जारी था।कुछ महीनों बाद उसका सेलेक्शन भी एक बैंक में हो गया और वो कोलकाता चली गई।
अगस्त का महीना था उसका फोन आया थोड़ी उदासी थी उसकी आवाज में, बोली शादी तय हो गई है मेरी
क्या…., कब …. I mean congratulations फोन कट गया।
उसके बाद क्या हुआ मुझे वो याद करने की हिम्मत आज भी नहीं होती ….बस ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया कुछ बाकी नहीं रहा।क्या बोलू उसको की तुमने घोखा दिया, नहीं ये नहीं कह सकता।जब हम दोनों ने ही एक दूसरे से आज तक कोई वादा ही नहीं किया तो घोखे की बात कहां से आई।….फिर भी मुझे लगता था कि जुबां से ना सही जहन में तो ये बात थी कि हम हमेशा साथ रहेंगे।

4-5दिन बाद उसका फोन आया, मिलने आ सकते हो।क्या बोलू उसको शायद जाते जाते उसने एक ख्वाहिश जाहिर की थी मना कैसे करता।
वो हमारी आखिरी मुलाकात थी । हम CCD में बैठे थे, आज भी हाथों में कोल्ड काॅफी ही था। बस हालत अलग थे।उस वक्त स्वाद पर ध्यान नहीं था पर आज की काॅफी बहुत ही कड़वी लग रही थी।
उसने कहा मुझे पता हम दोनों ही एक दूसरे को पसंद करते हैं (ये हमारी पहली इजहार -ए – मोहब्बत थी वो भी तब जब हम अलग हो रहे थे ), पर मैं अपने घर की सबसे बडी बेटी हूँ और भी दो बहनें हैं मेरी, बहुत अरमान है मेरे पैरेंट्स के। मैं उन्हें दुखी नहीं कर सकती। I think हमें यहां से अपने अपने रास्ते लौट जाना चाहिए।तुम एक बेहतरीन इंसान हो, तुम्हें एक अच्छी लाइफ पार्टनर मिलेगी पुरी उम्मीद है मुझे। और दोस्त की हैसियत से हम हमेशा टच में रहेंगे ही। वो बोलते जा रही थी
और मैं……मैं कुछ बोल ही नहीं पाया।क्या सच में कोई रिश्ता किसी हैसियत में बंध कर रह सकता है।

जब वहां से स्टेशन जाने के लिए ऑटो में बैठा तो एक गाना बज रहा था
“हम तुम मिले कोई मुश्किल न थी
पर इस सफर की मंजिल न थी
ये सोच कर दूर तुमसे हुए”
वो गाना हमारे दिल का हाल बता रहा था।
उस वक्त लगा कि जिदंगी ऐसे क्यों बदलती है कि यकीन ही नहीं आता। लौट आया मैं वापस दिल्ली पर खाली था भीतर से। दिल वालों का शहर अचानक बेजार लगने लगा।
दिसंबर में उसकी शादी थी, उसने बुलाया था पर मैं नहीं गया।हिम्मत नहीं हुई।टच में रहने का भी किया था पर जो वादा खामोशी ने साथ रहने का किया था जब वो नहीं निभ पाया तो ये कैसे निभता।
आज हम फिर सामने है दरसल हम एक काॅमन फ्रेंड की पार्टी में पहुंचे थे।
पास आकर बोली कैसे हो? क्या जवाब देता कि अच्छा होना तो उसी दिन बंद हो गया था जब तुम गई थी ।पर ये कह नहीं पाया, बोला अच्छा हूँ। ये चोट कैसे लगी, मेरे हाथों का प्लास्टर देख उसने पूछा।कुछ नहीं बस एक छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था।
उसके हसबैंड नहीं थे।हम पुरी पार्टी एक दूसरे को को कंफर्टेबल करने की कोशिश में ही गुजार दिए।वापस जाने के वक्त मेरे जूते का फीता खुल गया था जैसे ही मैं झुका बांधने उसने बोला रूको मैं बांध देती हूँ।सच उस एक लम्हें में मैंने अपनी पूरी जिन्दगी जी ली उसके साथ।
वो अपनी दुनिया में खुश थी और मैं ……..खुश होने की पूरी कोशिश में।

हम मिल न सके इसका अफसोस जीवन भर रहेगा।
पर जितने दिन भी तुम्हारा साथ मिल पाया वो एक अनमोल खजाना है मेरी यादों का।इसे मैं कभी खोने नहीं दूंगा।
और वो चली गई। उस रात के अंधेरे में भी मैं उसकी गाड़ी को दूर तक जाते देखता रहा।
फिर कहीं दूर से उसी गाने की धुन सुनाई दे रही थी,
हम तुम मिले कोई मुश्किल न थी
पर इस सफर की मंजिल न थी
ये सोच कर दूर तुमसे हुए हुए…………

#saurabhyadavbjp

Nischal Prem

हर प्रेम को शादी नसीब नहीं होती! शायद हमें भी न हो! लेकिन इसका मतलब ये क़तई नहीं है कि हम दोनो में किसी के प्रेम में कमी है या मन में कोई द्वेष है! वैसे भी शादी के मामले में अब हमारी राय अलग सी ही है! तुम ख़ुद में इंडिपेंडेंट हो शायद और हम तुम्हारे प्रेम में डिपेंडेंट! झगड़े-लड़ाइयाँ, प्यार-मोहब्बत, चुम्मा-चाटी सब तुमसे ही तो है! हाँ तुम ही दुनिया की एकमात्र जीवित महिला हो जिसके लिए हम साला सबको किनारे कर के तुम्हारा हाथ थामने को आगे बढ़े रहते हैं! लोग आते हैं! लोग जाते हैं! पर न तुम आइ थी न तुम गयी हो! तुम जबसे हो बस तुम ही हो!

एतना, उतना, जितना, कितना न जाने केतना केतना! जेतना भी प्रेम करते हैं बस तुम ही से करते हैं! पहली मुलाक़ात में ही ढेर हो गए थे हम! ऐक्सिडेंट टायिप! बड़ी बड़ी आँखों पे कज़रे की परत! उसपे तिरछि नज़र से हमको इंतज़ार करते हुए देखना! आय हाय हाय हाय हाय! ऐसा लग रहा जैसे आज साल गुज़र गया हो तुमसे पहली मुलाक़ात को! दारू के ग्लास भी भिड़े हैं और तुम्हारा पागलपन भी देखा है उन्ही कुछ लमहों में! वो सब कुछ जो उस प्लेटफ़ोर्म पर छूट गया था शायद अब कभी दोबारा नही मिल पाएगा हमको!

हाँ बदल गया है सब! तुम भी और हम भी! अब न ही ख़त लिखें जाते हैं न पढ़े जाते हैं और न सुनाए जाते हैं! तुम्हारा मिलना खोना तो नही पता पर ये जो कुछ दौर कटा है न तुम्हारे संग इनमे एक जनम और जी लिया है हमने! तुम कब किस चीज़ पे झगड़ जाओ और कब किस चीज़ पे मुसकिया दो कुछ पता नही होता तुम्हारा! तुम्हारा मूड जिस गति से स्विंग करता है उससे तो मुरलीधरन तक शर्मा जाए!

हो सकता हो हमारी बातें न हों! लम्बे लम्बे अंतराल हों पर जब भी मिलेंगे जिस भी राह में मिलेंगे उसी तरह ही मिलेंगे जैसे कि उस पहली मुलाक़ात में मिले थे! अच्छा लगता है तुमको आगे बढ़ते देखना! मुस्कुराते हुए देखना! गरियाते हुए देखना! और वो हमारा फ़ेवरेट तिरछि नज़रों से हमको ख़ुद को देखते हुए देखना!

तुमसे झगड़ के दूर होने के सौ बहाने होते हैं हमारे पास पर तुम्हारे साथ होने के सिर्फ़ एक बहाने के साथ ख़ुश हैं हम! तुम्हे बाहों में भर के माथा चूम लेने के इरादे से ख़ुश हैं हम! बिना तुम्हारे “लव यू” कहे “लव यू टू” बुदबुदाने देने से ख़ुश हैं हम! तुम्हारे ग़ुस्से में बेधड़क तुम्हारी डाँट सुनने में ख़ुश हैं हम! अचानक से तुम्हारे गले लग जाने से ख़ुश हैं हम!

ए सुनों,
पाने खोने से परे हो चुके हैं अब! नही नही कोई संत महात्मा नही होने जा रहे हम! हमारी ठरक के बारे में तो बख़ूबी जानती हो तुम! पर हज़ार आप्शन के बीच आन्सर तुम ही रहोगी मेरा! हमेशा! आजकल गाने भी पसंद नही आते हमको कोई! लेकिन वो जस्टिन बीबर वाला “लेट मी लव यू” बड़ा पसंद है हमको! फ़ुर्सत में सुनना! बड़े आदमी बन रहें हैं हम! आज कल अंग्रेज़ी गाना सुन रहे हैं!

समय ऐसे ही गुज़र गया! देखो इतने दिनो में सब कुछ बदल गया सिवाए अपने प्रेम के! तुम्हारी आँखों में दिखता है प्रेम! बोर्डर पे! काजल की एक लेयर में! हर प्रेम को शादी नसीब नहीं होती! शायद हमें भी न हो! लेकिन इसका मतलब ये क़तई नहीं है कि हम दोनो में किसी के प्रेम में कमी है या मन में कोई द्वेष है!

#बेरोज़गार_आशिक़